पटना पोलिस का यातायात नियम आम जनता के लिए

आज गाड़ी लेने के बाद पहली बार मुझ पे धरा 177 लगा है पर ठीक है गलती भी मेरी ही थी। मैंने हेलमेट जो नही पहना था। पर मैंने बड़ा ही अजीब चीज देखा या यूँ कहे की मैंने ये पहली बार अपनी आँखों से देखा। सुना तो कई बार था, पर कभी देखा नही था। और कल मैंने एक और बात भी सीखी, जो मैं आप लोगो के साथ बाँटना चाहूंगा। अगर आप वो आम आदमी है जो किसी बड़े आदमी जैसे M.L.A, M.P., C.M., Police के रिश्तेदार या दोस्त नही है तो आप सरे यातायात नियम कानून का पालन करेंगे, नही तो आपका चालान काटा जायेगा या फिर ले दे की निपटाया जायेगा।Pulsar 150

कल आशियाना दीघा रोड में राजीव नगर नाला के पास चेकिंग चल रही थी जिसमे की मुझे भी रोक गया क्योंकि मैंने हेलमेट नही पहनी थी और मेरी आँखों के सामने दो लोगो को जाने दिया गया क्योंकि एक वहां खड़े एक सिपाही का दोस्त था तो दूसरा किसी M.L.A का रिश्तेदार। और तो और जब पोलिसे ने मुझे चालान के लिए रोक तो बड़ा ही अजीब सा सवाल था उनका।Caalan

पोलिसे वाला : क्या करना है बोलिए। (अरे भाई आप रोके हो तो आप ही बताओ क्या करना है)
मैं : सर आज जाने दीजिये आगे से कभी हेलमेट नही छोड़ूंगा।
पोलिसे वाला : हम क्या करे ऊपर से ही आर्डर है, हम नही छोड़ सकते। (तो उन दोनों को क्यू छोड़ दिया )
मैं: अभी तो आपने दो को जाने दिया।
पोलिसे वाला : उन्हें छोड़िये आप बताइये आपका क्या करना है। (अब ऐसे तो जाने दोगे नही तो चलन काटो क्या फालतू का सवाल पूछ रहे है )
मैं : कितने का फाइन है।
पोलिसे वाला : १०० , २०० , ३०० , …
दूसरा पोलिसे वाला : जितना देर करियेगा उतना बढ़ते जायेगा।
मैं : ठीक है काटिये चालान
वो व्यस्त हो गए दुसरो से बात करने में, थोड़ी देर बाद आप बोल ही नही रहे है क्या करना है।
मैं ये नही समझ प् रहा था की जब इन्होने मुझे चलन काटने के लिए रोक है तो फिर इंतज़ार किस बात का कर रहे है। ओह !!!! शायद इन्हे कुछ ले दे के निपटना है, तब मैंने थोड़ी जोर से उन्हें सुना कर कहा: भाई जब चालान काटना को रोक है तो चालान काटिये १०० का
फिर उन्होंने मेरा १०० रुपये का चालान काटा और मैं वहां से निकल गया।

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